देहरादून: चौराहों पर खड़े होकर हॉर्न बजाने की आदत है तो बदल लीजिए। बेवजह हॉर्न बजाया तो ट्रैफिक सिग्नल ही आपको निकलने की इजाजत नहीं देगा।
चौराहों पर लगेंगे स्मार्ट सिग्नल: एसपी ट्रैफिक
जल्द ही शहर के चौराहों पर ऐसे स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे, जो पता लगाएंगे कि किस दिशा से हॉर्न की आवाज ज्यादा है।इसके बाद चौराहे पर उस दिशा का सिग्नल ग्रीन ही नहीं होगा। ऐसे में मिनटों से लेकर घंटों तक खड़ा रहना पड़ सकता है। एसपी ट्रैफिक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि बेवजह हॉर्न बजाने से ध्वनि प्रदूषण होता है। इसे कम करने के लिए पुलिस ने नो हाँकिंग अभियान शुरू किया है। यह अभियान सालभर चलेगा। इसके तहत कई जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। लोगों को बताया जाएगा कि ध्वनि प्रदूषण से क्या-क्या नुकसान होते हैं। इसके अलावा मोडिफाई साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
पीसीबी से कराएंगे सभी चौराहों की मैपिंग
एसपी ने बताया कि इसके लिए शुरुआत में चौराहों की मैपिंग कराई जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी चौराहों पर देखेंगे कि किस समय किस चौराहे पर कितना ध्वनि प्रदूषण होता है। इसके बाद इन चौराहों पर कार्रवाई की जाएगी। ताकि, भविष्य में लोग बेवजह हॉर्न न बजाएं।
जागरूकता के लिए आईएमए से किया करार
इस अभियान के तहत जागरूकता कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि इसके लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से करार किया गया है। नाक, कान गला विशेषज्ञ डॉक्टर इन कैंप में प्रतिभाग करेंगे। कॉमर्शियल वाहनों के चालकों और सामान्य नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण के नुकसान बताए जाएंगे।


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