देहरादून: उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि, पारंपरिक विरासत और जीवंतता का अद्भुत संगम “कलर्स ऑफ़ उत्तराखंड” कार्यक्रम में देखने को मिला। यह आयोजन 38वें राष्ट्रीय खेल के जश्न का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय खेल के प्रति जागरूकता फैलाना और पूरे देश को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराना है।
“कलर्स ऑफ़ उत्तराखंड”, 26 जनवरी को हरिद्वार के हर की पौड़ी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय खेल के मैस्कॉट “मौली” की विशेष उपस्थिति से हुई। हिमालयन मोनाल पर आधारित “मौली” ने अपनी अनूठी छवि और ऊर्जा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौली ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और खेल के प्रति जुनून को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इसके बाद भजन संध्या में भक्तिमय भजनों की मधुर ध्वनि ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया, और हर किसी के मन को शांति और आनंद से भर दिया। इसके साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को उत्साह और उमंग से भर दिया। इसके बाद एथलीट्स द्वारा प्रस्तुत किया गया “गंगा नमन” शो भी दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने गंगा नदी के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट करते हुए 38वें राष्ट्रीय खेल के एथलीट ट्रैक्स प्रस्तुत किए।
उत्तराखंड इस वर्ष 38वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी करते हुए एक ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने जा रहा है। यह आयोजन 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक चलेगा, जिसमें देशभर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस साल के राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में आयोजित हो रहे हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेल 2025 का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन से खेल प्रेमियों, सांस्कृतिक उत्साही और आम जनता के बीच जोश और उत्साह का नया संचार होगा। 38वें राष्ट्रीय खेल की यह सांस्कृतिक यात्रा देशभर के लोगों को उत्तराखंड की सुंदरता, संस्कृति और खेल के प्रति समर्पण से जोड़ने का काम करेगी।


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