Kedarnath BKTC Vivad: केदारनाथ धाम में वीआईपी मेहमानों की आवभगत को लेकर इन दिनों एक बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है. दरअसल, अधिवक्ता विकेश नेगी ने एक RTI के जरिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से खर्चों का पूरा ब्योरा मांगा था. इसमें मिली जानकारी के बाद आरोप लगे हैं कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर के दानपात्र में चढ़ाई गई रकम का इस्तेमाल कुछ नेताओं, उनके परिजनों और खास लोगों की मेहमाननवाजी पर किया गया. इस खुलासे के बाद से पूरे उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में बयानों और सवालों की बाढ़ आ गई है. विपक्ष लगातार सरकार और मंदिर समिति पर सवाल उठा रहा है. वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई है. इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में अब बहस तेज हो गई है. ऐसे में इस खबर में जानते हैं कि आखिर इस मामले में किन नेताओं के नाम सामने आए, किस पर कितना खर्च हुआ और सरकार और BKTC की तरफ से क्या सफाई दी गई.
पहले जानिए क्या क्या लगे आराेप?
सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने BKTC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल नेताओं और खास लोगों की मेहमाननवाजी में किया गया. नेगी के मुताबिक कुछ बीजेपी और आरएसएस नेताओं को विशेष अतिथि दिखाकर उनके ठहरने, खाने-पीने और हेलीकॉप्टर टिकटों का खर्च मंदिर समिति के फंड से उठाया गया. विकेश नेगी का दावा है कि उन्होंने RTI के जरिए जो दस्तावेज हासिल किए हैं, उनमें कई नेताओं और वीआईपी लोगों के नाम के साथ खर्च का पूरा ब्योरा दर्ज है. उनका कहना है कि बिलों की रसीदें और मंदिर समिति की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी इस पूरे मामले की पुष्टि करती हैं. नेगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि श्रद्धालु भगवान केदारनाथ में अपनी आस्था के चलते दान चढ़ाते हैं, लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल कई खास लोगों पर किया गया. अब विकेश का कहान है कि अब वह इस मामले को लेकर जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी कर रहे हैं और जल्द ही कानूनी कार्रवाई करेंगे.
RTI में किस नेता का नाम आया सामने?
अधिवक्ता विकेश नेगी द्वारा सार्वजनिक किए गए आरटीआई में कई वीआईपी लोगों के वाले नाम सामने आए हैं. इसमें
- कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नेहा जोशी के केदारनाथ दौरे पर लगभग ₹60 हजार खर्च
- केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के प्रवास पर ₹37,500 से ₹24,000 तक खर्च
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी के नाम पर ₹22 हजार से ₹37 हजार तक का खर्च
- RSS नेता प्रकाश और निरंजन के प्रवास पर करीब ₹20 हजार खर्च
- भाजपा रुद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट और अन्य कार्यकर्ताओं पर लगभग ₹24 हजार खर्च
- बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव पर करीब ₹23 हजार का खर्च
इसके साथ ही पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, बीकेटीसी अध्यक्ष और सीईओ के अतिथियों के नाम पर भी लाखों रुपये खर्च होने और हेली टिकटों का भुगतान मंदिर फंड से करने के आरोप लगाए गए हैं.
नेहा जोशी ने सोशल मीडिया पोस्ट से आरोपों को नकारा
इस बड़े विवाद में नाम आने के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नेहा जोशी ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई पेश की है. फेसबुक पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा कि मीडिया से उन्हें जानकारी मिली है कि बीकेटीसी ने आरटीआई के जवाब में उनके दो दिवसीय केदारनाथ प्रवास के भुगतान को मंदिर समिति द्वारा किए जाने की बात कही है जो कि एकदम झूठ है. नेहा जोशी ने बताया कि वे बाबा केदार के कपाट खुलने पर वहां गई थीं और गायत्री भवन में रुकी थीं. डिजिटल पेमेंट की सुविधा न होने के कारण उन्होंने तीनों कमरों का पूरा भुगतान नकद में किया था जिसके साक्ष्य और कर्मचारी गवाह हैं. उन्होंने जीएमवीएन के दो कमरों का भी भुगतान खुद करने की बात कहते हुए इस बात की गहन पड़ताल की मांग की है कि भुगतान किए गए कमरों का बिल दोबारा उनके नाम पर क्यों काटा गया और क्या यह किसी राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है.


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