Dehradun Rahul Gandhi Rally Controversy: देहरादून में राहुल गांधी के आगामी कार्यक्रम को लेकर सियासी पारा गरमा गया है. दरअसल, 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में ‘छात्रों की गूंज’ नाम से राहुल गांधी का कार्यक्रम प्रस्तावित था. लेकिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का आरोप है कि सरकार के दबाव में इस कार्यक्रम के लिए मैदान की अनुमति को किया गया है. उनका कहना है कि पहले परेड ग्राउंड तीन दिनों के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन बाद में प्रशासन ने उसी तारीख पर एक सरकारी कार्यक्रम का हवाला देते हुए परमिशन को निरस्त कर दिया.
पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ता के बीच तीखी नोकझोंक
मंगलवार देर रात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में जैसे ही परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमति निरस्त होने की खबर मिली तो उनमें भारी आक्रोश फैल गया. भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बाद भी बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मैदान के मुख्य गेट पर जमा हो गए. कार्यकर्ताओं ने गेट खुलवाने का प्रयास किया. इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस और उनके बीच तीखी नोकझोंक हो गई. इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मैदान के भीतर ही धरना शुरू कर दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली.
सरकारी दबाव में अनुमति रद्द करने का गंभीर आरोप
परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार को इस पूरे विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले कांग्रेस को तीन दिनों के लिए इस मैदान के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. इसके बाद भी सिर्फ राजनीतिक दबाव के चलते अचानक इस परमिशन को निरस्त कर दिया गया.
राहुल गांधी के कार्यक्रम घबराई सरकार- गणेश गोदियाल
गणेश गोदियाल ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर सरकारी कार्यक्रम होने की बात कहकर कांग्रेस को रोका गया, वहां असल में कोई गतिविधि नहीं हो रही थी. उन्होंने खुलासा किया कि इस मैदान के लिए निर्धारित शुल्क 64 हजार रुपये था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने 1.77 लाख रुपये की राशि जमा कराई थी. गोदियाल ने दावा किया कि सरकार ने राहुल गांधी के इस कार्यक्रम घबराकर यह कदम उठाया है.
अब बन्नू स्कूल मैदान में होगा कार्यक्रम का आयोजन
देर रात तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बाद कांग्रेस ने आखिरकार परेड ग्राउंड से पीछे हटने का निर्णय लिया. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों की सुरक्षा को ऊपर रखते हुए कार्यक्रम का स्थल बदलने का फैसला लिया है.


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