Bairagiwala Violence: देहरादून के विकासनगर के बैरागीवाला गांव में हिंसक झड़प में युवक की मौत के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है. इस बीच आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर दिया. हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी. अब मामले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं मामले में सीएम धामी का बयान भी सामने आया है. सीएम ने कहा कि किसी भी किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, जो भी अपराध करेगा वो बच नहीं पाएगा. इस बीच पुलिस की बहादुरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसे खुद आज तक की टीम ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया है.
दरअसल, प्रदर्शनकारियों ने एक बाइक पर आग लगा दी थी और बाइक कमरे में धू-घू कर जल रही थी. देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई. बाइक की टंकी पेट्रोल से भरी हुई थी ऐसे में उसमें धमाका होने का खतरा बना हुआ था. इस दौरान प्रेमनगर थाने के SHO नरेश राठौर वहीं मौजूद थे. उनके एक हाथ में हेलमेट और दूसरे हाथ में कपड़ा था. उन्होंने जैसे ही कमरे के अंदर जलती हुई बाइक देखी तो उन्होंने हेलमेट वहीं छोड़ दिया और बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे कमरे के अंदर दौड़ पड़े.
SHO नरेश राठौर ने कपड़े की मदद से जलती हुई बाइक की आग बुझाने लगे. इस दौरान बाइक की पेट्रोल टैंक में विस्फोट का खतरा बना हुआ था. इसके बावजूद नरेश राठौर ने पीछे हटने के बजाय लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे. कुछ ही देर की कोशिश के बाद पुलिस आग पर काबू पा लिया. इस पूरी घटना के दौरान ‘आज तक’ की टीम भी मौके पर मौजूद थी और SHO नरेश राठौर की बहादुरी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. इस दौरान अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो कमरे में बड़ा विस्फोट हो सकता था.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, देहरादून के विकासनगर क्षेत्र के सहसपुर के बैरागीवाला गांव में शनिवार 13 जून 2026 की शाम को खेतों में पानी को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई. देखते देखते ये विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया. आरोप है कि इस दौरान मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों की भीड़ ने लाठी-डंडों से बीजेपी युवा मोर्चा के सोशल मीडिया प्रभारी विनोद कश्यप के घर पर हमला कर दिया। इस हमले में विनोद बुरी तरह से चोटिल हो गए, जबकि उनके भाई और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन यहां उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई.
ग्राम प्रधान का दावा, पुराना जमीन विवाद भी वजह
वहीं, बैरागीवाला के ग्राम प्रधान विक्की कश्यप का दावा है कि मामला केवल खेत में पानी लगाने को लेकर हुए विवाद का नहीं है. उनके अनुसार, गांव की पूर्व प्रधान साइना परवीन और उनके परिवार पर लंबे समय से जमीन पर कब्जे के आरोप लगते रहे हैं. विक्की कश्यप का कहना है कि मृतक विनोद कश्यप इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे, जिसके बाद उन्हें पिछले साल से लगातार धमकियां मिल रही थीं. इस संबंध में सहसपुर थाने में कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और आखिरकार मामला हिंसा तक पहुंच गया.


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