Ketan Lal Murder Case: टिहरी के थाना लंबगांव क्षेत्र में दलित युवक केतन लाल हत्याकांड के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. इस मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई के बाद अब तक मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. पुलिस के अनुसार पकड़े गए तीसरे आरोपी का नाम सचिन पंवार है. 27 साल का सचिन खोलगढ़ वल्ला का रहने वाला है. पुलिस ने उसे गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे चौंधार तिराहा लंबगांव से दबोचा गया.
गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ है मुकदमा
पुलिस के अनुसार, मामले में BNS की धारा और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने इसकी जांच क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को सौंपी है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही इन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है.
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए कई वैज्ञानिक साक्ष्य
केतन लाल की मौत के इस मामले को अदालत में मजबूती से साबित करने के लिए पुलिस हर तरह के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है. इसी सिलसिले में 10 जून को फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया था. इस दौरान टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण और सबूत जुटाए. एसएसपी श्वेता चौबे ने साफ तौर पर कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है और हत्याकांड में शामिल किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा.
अनुसूचित जाति आयोग ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात
इस बीच अब उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग भी इस मामले को लेकर एक्टिव हो गया है. आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार और सदस्य सुनीता देवी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने देवल गांव पहुंचकर मृतक केतन लाल के दुखी माता-पिता से मुलाकात की. इसके साथ ही आयोग की टीम ने घटना में गंभीर रूप से घायल हुए दिवाकर डिमरी के परिवार से भी बातचीत की और पूरी घटना की जानकारी लेते हुए परिवार का दर्द साझा किया.

इलाज सुरक्षा और न्याय का दिया पूरा भरोसा
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. आयोग ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव आर्थिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल युवक दिवाकर डिमरी के बेहतर इलाज और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए. आयोग ने पुलिस को मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं.
जानिए आखिर क्या था यह पूरा मामला?
दरअसल,18 साल के दलित केतन लाल की दोस्ती पड़ोसी गांव के खोलगढ़ की एक सामान्य वर्ग की युवती के साथ दोस्ती थी. दोनों अक्सर फोन पर बता करते थे. युवती के घर वालों को इसकी भनक लगी तो उनका गुस्सा सतवे आसमान पर चढ़ गया. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, परिवार लड़की को केतन से दूर रहने को कहा लेकिन उसने परिजनों की बात नहीं मानी. इस बीच रविवार की रात परिजनों ने युवती पर दबाव बनाकर केतन को अपने गांव बुलाने को कहा. रात के लगभग 11:30 बजे केतन अपने दोस्त दिवाकर डिमरी (22 साल) के साथ मोटरसाइकिल से खोलगढ़ पहुंचा. यहां पहले से ही घात लगाए बैठे लड़की के परिजनों ने दोनों युवकों पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया.
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए कई वैज्ञानिक साक्ष्य
केतन लाल की मौत के इस मामले को अदालत में मजबूती से साबित करने के लिए पुलिस हर तरह के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है. इसी सिलसिले में 10 जून को फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया था. इस दौरान टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण और सबूत जुटाए. एसएसपी श्वेता चौबे ने साफ तौर पर कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है और हत्याकांड में शामिल किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा.
अनुसूचित जाति आयोग ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात
इस बीच अब उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग भी इस मामले को लेकर एक्टिव हो गया है. आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार और सदस्य सुनीता देवी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने देवल गांव पहुंचकर मृतक केतन लाल के दुखी माता-पिता से मुलाकात की. इसके साथ ही आयोग की टीम ने घटना में गंभीर रूप से घायल हुए दिवाकर डिमरी के परिवार से भी बातचीत की और पूरी घटना की जानकारी लेते हुए परिवार का दर्द साझा किया.


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