- दून की धड़कन घंटाघर के उपचार का जिला प्रशासन ने उठाया बीड़ा; तो चलने लगी घंटाघर की धड़कन
- बार-बार खराब हो रही घंटाघर की धड़कन का जिला प्रशासन ने कराया विशेषज्ञ उपचार
- चेन्नई की विशेषज्ञ फर्म इण्डियन क्लॉक्स ने घंटाघर की घड़ी की ठीक, आधुनिक जीपीएस, लाउडस्पीकर,बैल वायर हुई चैंज; जिला प्रशासन ने दी धनराशि
देहरादून : देहरादून की धड़कन कहे जाने वाले घंटाघर घर की सुई रूकने तथा गलत टाईम बताने की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बसंल ने घंटाघर की घड़ी ठीक करने हेतु धनराशि दी तथा जिला प्रशासन ने इस कार्य के लिए चैन्नई की विशेषज्ञ फर्म को चुना है, जिससे अब घंटाघर की धड़कने चलने लगी है।
जिला प्रशासन ने घंटाघर की खराब धड़कन को ठीक करने का बीड़ा उठाया है दरअसल घंटाघर की घड़ी की सुई बार-बार खराब हो रही थी तथा समय गलत बता रही थी। जिस पर जिलाधिकारी ने विशेषज्ञ कम्पनी के इंजीनियर्स से कार्य कराने के निर्देश दिए। इस कार्य के लिए चैन्नई की विशेषज्ञ फर्म इण्डियन क्लॉक्स को चुना गया। कम्पनी के विशेषज्ञ इंजीनियर्स ने जांच करने पर पाया कि घड़ी की वायर खराब, जीपीएस, लाउडस्पीकर, बैल में भी खराबी आ गयी थी। जीपीएस, वायर, लाउडस्पीकर, बैल आदि सब बदल दी गई है। घड़ी को अब ठीक कर लिया गया है। इससे पूर्व जिला प्रशासन ने घंटाघर का सौन्दर्यीकरण कार्य करवाया गया जिसे मुख्यमंत्री द्वारा जनमानस को विधिवत् समर्पित किया गया।


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