August 1, 2026

देहरादून : सोलर प्रोजेक्टों पर टैरिफ विवाद, UERC ने UREDA से मांगा रिकॉर्ड; 200 KV क्षमता की 10 याचिकाओं पर हुई सुनवाई

राज्य ब्यूरो, देहरादून। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएसवाई) के तहत स्थापित 200 किलोवाट क्षमता वाले 10 सौर ऊर्जा संयंत्रों के टैरिफ विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने परियोजनाओं के आवंटन से लेकर कमीशनिंग तक की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए यूरेडा (उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण ) से विस्तृत रिपोर्ट और प्रोजेक्ट मानिटरिंग रिकार्ड तलब किया है। आयोग का मानना है कि सभी याचिकाओं में समान तथ्य और मुद्दे हैं, इसलिए इनकी एक साथ सुनवाई की जाएगी।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएसवाई) के तहत स्थापित 200 किलोवाट क्षमता वाले 10 सोलर पावर प्रोजेक्टों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने अनुरोध किया है कि उनके संयंत्रों के लिए 4.64 रुपये प्रति यूनिट की लागू टैरिफ दर को संरक्षित रखा जाए।

आयोग ने यूरेडा को निर्देश दिया है कि वह 10 अगस्त 2026 तक प्रत्येक परियोजना का आवंटन से लेकर पूर्ण होने तक का क्रमवार विवरण, प्रोजेक्ट मानिटरिंग रिपोर्ट तथा अन्य संबंधित अभिलेखों सहित आयोग के समक्ष प्रस्तुत करे।

सभी प्रक्रियाओं की जानकारी होगी शामिल

इसके साथ ही आयोग ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित समिति द्वारा अपनाई गई पूरी प्रक्रिया का भी विस्तृत ब्योरा मांगा है। इसमें क्षमता आवंटन, विभिन्न अनुमोदन, निर्माण कार्य और परियोजनाओं की कमीशनिंग तक की सभी प्रक्रियाओं की जानकारी शामिल होगी।अब यूरेडा की रिपोर्ट आने के बाद आयोग यह तय करेगा कि 11 केवी निकासी लाइन में हुई देरी का प्रभाव टैरिफ पर पड़ेगा या याचिकाकर्ताओं को 4.64 रुपये प्रति यूनिट की पूर्व निर्धारित दर का संरक्षण मिलेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत स्थापित अन्य सौर परियोजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।