Badrinath Dham Chadhawa Vivad: बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ीके आरोपों के मामले में अब सरकार एक्शन मोड में आ गई है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक हाई लेवल जांच समिति का गठन करने का निर्देश दिया है. ये कमेटी 15 दिन के अंदर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. वहीं, इस मामले में विवाद के केंद्र में आए BKTC के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को नौकरी से सस्पेंड कर उनके खिलाफ FIR दर्ज की है. इसके साथ ही उन्हें यहां से हटाकर बीकेटीसी जोशीमठ कार्यालय से अटैच किया गया है.
तीन दिन के भीतर आरोपी पर गिरी गाज
आपको बता दें कि इस मामले में 4 जुलाई को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष ने एक जांच समिति बनाई थी. अब इसके ठीक तीन दिन बाद समिति जांच के सिलसिले में बद्रीनाथ पहुंची तो अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिय. BKTC की जांच समिति का कहना है कि शुरुआती जांच में जो आरोप लगे हैं वे पहली नजर में सही पाए गए हैं. जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और यह प्रभावित न हो इसलिए आरोपी को सस्पेंड करके जोशीमठ स्थित BKTC कार्यालय से अटैच कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रमोद नौटियाल पर FIR भी दर्ज की गई है. वे अब सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना जाेशीमठ वाला ऑफिस नहीं छोड़ सकेंगे.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गढ़वाल कमिश्नर संभालेंगे कमान
मामले की गूंज शासन तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस पर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री के आदेश पर अब गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक नई उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. यह नई समिति मौजूदा जांच समिति से पूरी जांच अपने हाथों में ले लेगी. इस समिति की अगुवाई गढ़वाल मंडल के कमिश्नर आनंद स्वरूप करेंगे. उनके साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को इस समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
15 दिनों के भीतर सौंपनी होगी पूरी रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक, हाई लेवल कमेटी को मामले की जांच 15 दिनों के अंदर करनी है. जांच को पारदर्शी बनाने के लिए समिति जरूरत पड़ने पर किसी भी अधिकारी या विशेषज्ञ से जरूरी जानकारी या मदद ले सकती है. इसके अलावा, समिति भविष्य में दान और चढ़ावे की पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को अपने सुझाव भी देगी.
सीसीटीवी फुटेज से खुला था हेराफेरी का राज?
आपको बता दें कि इस मामले का खुलासा 3 जुलाई को भैरव सेना द्वारा किया गया था. शुरुआत में BKTC के मौजूदा सीईओ सोहन सिंह ने बयान दिया था कि सीसीटीवी जांच में कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा है. हालांकि, उसी दिन BKTC की ओर से प्रमोद नौटियाल को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. नौटियाल के पास निजी सचिव के अलावा थाली भेंट गणना समिति के सदस्य और प्रोटोकॉल अधिकारी की जिम्मेदार थी. नोटिस में कहा गया था कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती के समय, उन्होंने सामान्य गणना के अलावा कुछ वस्तु अपने मोबाइल के साथ अपने नियंत्रण में रखी थी. यह घटना सीसीटीवी कैमरे पर लाइव देखी गई थी. हालांकि, 4 जुलाई को बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस बात का खंडन किया था कि आरोपी उनका निजी सचिव है और साथ ही जांच की घोषणा की थी.


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