Rudraprayag Nagarasu Gurudwara News: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारा में पिछले चार दिनों से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. ताजा अपडेट के अनुसार गुरुद्वारे की छत पर अब भी 4 निहंग श्रद्धालु मौजूद हैं. प्रशासन उन्हें भी लगातार समझाने-बुझाने की कोशिशों में जुटा हुआ है. राहत की बात यह है कि पूरे क्षेत्र में फिलहाल शांति व्यवस्था बनी हुई है. पुलिस-प्रशासन लगातार निहंगों से संपर्क बनाए हुए है ताकि इस गतिरोध को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके.
पंजाब से पहुंचे जत्थे का अमन का पैगाम
इस बीच मामले को सुलझाने के लिए अब पंजाब से निहंगों का एक विशेष जत्था नगरासू गुरुद्वारा पहुंच चुका है. गुरुद्वारे पहुंचे जत्थे के सदस्यों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अभी इस मामले पर कोई बयानबाजी नहीं करेंगे. उनका पहला मकसद छत पर बैठे निहंगों से बातचीत करना है. इसके बाद ही वे मीडिया को कुछ बताएंगे. जत्थे में आए निहंग श्रद्धालु ने कहा कि वे यहां अमन और प्यार का पैगाम लेकर आए हैं. उन्होंने पहाड़ के लोगों को अपना भाई बताते हुए कहा कि बातचीत के जरिए इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.
सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात
वहीं कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारा मामले को लेकर मंगलवार को दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका के नेतृत्व में सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की. बैठक में हाल ही में कर्णप्रयाग में हुए विवाद और उससे जुड़े घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष समुदाय का पक्ष रखते हुए सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और अफवाहों पर रोक लगाने की मांग उठाई.
मुख्यमंत्री धामी का निष्पक्ष जांच और शांति का भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था, शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अफवाहें फैलाने या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड की समावेशी संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य सभी धर्मों का समान आदर करता है और यहां हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता साहिब और रीठा साहिब जैसे पवित्र सिख तीर्थस्थल मौजूद हैं.
गुरुद्वारे के सेवादार ने बताई आंखों देखी कहानी
वहीं, दूसरी तरफ नगरासू गुरुद्वारे के सेवादार परविंदर सिंह ने सोमवार को इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक बड़ा दावा किया. उन्होंने बताया कि तीसरे दिन पुलिस ने निहंगों को खाने के बहाने नीचे बुलाने की कोशिश की थी. सेवादार के मुताबिक खाना लेने के बाद एक निहंग ने अचानक अपनी तलवार लहरानी शुरू कर दी जिसकी वजह से पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही. उन्होंने यह भी बताया कि गुरुद्वारे में हुए आपसी गतिरोध के बाद निहंग पुलिस को देखकर घबरा गए थे और इसी घबराहट में वे छत पर चढ़ गए. सेवादार ने साफ किया कि अब तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि निहंगों के इस गुस्से और आक्रोश की असली वजह क्या है.


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