नरेंद्रनगर वन प्रभाग के अंतर्गत नीरगढ़ वाटरफॉल योजना के निर्माण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कड़ा रूख अख्तियार किया है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण संज्ञान में आने पर निस्पक्ष जांच हेतु अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा।
बता दें कि वनों की सुरक्षा एवं प्रबंधन योजना के अंतर्गत पारिस्थितिकीय पर्यटन विकास हेतु बीते वर्ष राज्य वित्त सेक्टर के माध्यम से नरेंद्रनगर वन प्रभाग क्षेत्रान्तर्गत नीरगढ़ वाटरफॉल के निर्माण हेतु एक करोड़ रूप्ए की धनराशि स्वीकृत की गई थी।
जिसका कार्य कम होने व गुणवत्ता में कमी होने की शिकायतें कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को प्राप्त हुई। साथ ही कार्य ना होने पर कार्यदाई संस्था को अग्रिम भुगतान किया गया है। जिस पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए उक्त संबंध में जांच बैठा दी है।
उन्होंने बताया कि नरेंद्रनगर वन प्रभाग के अंतर्गत प्राविधानित नीरगढ़ वाटरफॉल के निर्माण में अनियमितता की शिकायतें प्राप्त होने पर जांच की आवष्यकता के मद्देनजर वन संरक्षक गढ़वाल वृत्त आकाष वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, साथ ही निष्पक्ष व समयबद्ध तरीके से जांच करने हेतु निर्देश दिए गए हैं।


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