देहरादून के राठ क्षेत्र के चोडिख गांव के युवक की भगवानपुर में हत्या से क्षेत्र में आक्रोश और शोक की लहर है। नितिन अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। पिता लंबे समय से बीमार हैं और उसकी नौकरी से ही घर का खर्चा चलता था।
नितिन के पिता ओम प्रकाश भंडारी छोटी-मोटी ठेकेदारी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। वर्ष 2019 को उन्हें लकवे का अटैक पड़ा, तब से वह बीमार ही चल रहे हैं। अब परिवार की जिम्मेदारी भी नितिन के ही कंधों पर थी। उसकी मां चंपा देवी और एक बड़ी व एक छोटी बहन है।
नितिन के चाचा अधिवक्ता प्रदीप भंडारी ने बताया परिवार बेटे की हत्या से सदमे में है। बीमार पिता व उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है।उन्होंने बताया कि नितिन बचपन से ही शांत स्वभाव का था। उसका कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। ग्रामीण सुनील सिंह, टीका प्रसाद, चंद्र मोहन सिंह आदि ने हरिद्वार पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की खुलासे की मांग की।


More Stories
देहरादून : सोलर प्रोजेक्टों पर टैरिफ विवाद, UERC ने UREDA से मांगा रिकॉर्ड; 200 KV क्षमता की 10 याचिकाओं पर हुई सुनवाई
UAPA लगाने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त! हल्द्वानी हिंसा मामले में आरोपी की जमानत बरकरार, धामी सरकार को लगाई फटकार
2 दिन के ब्रेक के बाद उत्तराखंड में चारधाम यात्रा फिर शुरू, सुबह 6 बजे से श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी